बिहार में बाढ़ का कहर, 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; 190 सामुदायिक रसोई और 171 मेडिकल कैंप सक्रिय

पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 12 जिलों में 22.42 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 190 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जहां करीब 2.51 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित

पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन 12 जिलों के 70 प्रखंडों और 368 ग्राम पंचायतों में करीब 22.42 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से राहत अभियान लगातार बढ़ाया जा रहा है। पांच सितंबर को जहां 80 सामुदायिक रसोई संचालित थीं, वहीं रविवार को इनकी संख्या बढ़ाकर 190 कर दी गई। इन रसोई केंद्रों के जरिए प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

तीन राहत शिविरों में 1631 लोगों के लिए व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित इलाकों में तीन राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में 1631 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

प्रभावित परिवारों के बीच अब तक करीब 65,700 पालीथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं। वहीं, 12,712 ड्राई राशन पैकेट भी बांटे गए हैं। ड्राई राशन पैकेट के वितरण की संख्या पहले 11,700 थी, जिसे बढ़ाकर 12,712 किया गया है।

1429 नावों से लोगों का सुरक्षित आवागमन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवागमन के लिए 1,429 नावों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा शिविरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले 118 चिकित्सा शिविर चल रहे थे, जिन्हें बढ़ाकर 171 कर दिया गया है।

राहत और बचाव अभियान में एनडीआरएफ की 10 और एसडीआरएफ की 27 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात हैं। ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाने और बचाव कार्यों में जुटी हैं।

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

गंडक नदी के वाल्मीकिनगर और सोन नदी के इंद्रपुरी बराज पर जलस्राव की प्रवृत्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

अगले दो दिनों में बारिश का अनुमान

बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की चुनौती और बढ़ सकती है।

 

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